Khushi Jab Bhi Teri Lyrics - खुशी जब भी तेरी
खुशी जब भी तेरी Khushi Jab Bhi Teri Lyrics in Hindi - Jubin Nautiyal KHUSHI JAB BHI TERI LYRICS - Jubin Nautiyal KHUSHI JAB BHI TERI LYRICS - Jubin Nautiyal | सारी गलियां तेरी जगमगा दूँगा मैं हर सुबह तेरी खुद को बना दूँगा मैं सारी गलियां तेरी जगमगा दूँगा मैं हर सुबह तेरी खुद को बना दूँगा मैं तू चलेगी जो घर से निकल के कहीं तो रस्ते में खुदको बिछा दूँगा मैं खुदा जाने मुझमे तू क्या देखती है मैं तुझमें खुदा का करम देखता हूँ ख़ुशी जब भी तेरी ओ ख़ुशी जब भी तेरी मैं कम देखता हूँ ख़ुशी जब भी तेरी मैं कम देखता हूँ तो फिर मैं कहाँ अपने गम देखता हूँ ख़ुशी जब भी तेरी मैं कम देखता हूँ तो फिर मैं कहाँ अपने गम देखता हूँ कई रोज़ तक पानी पीता नहीं फिर कई रोज़ तक पानी पीता नहीं फिर मैं जब तेरी आँखों को नम देखता हूँ ख़ुशी जब भी तेरी… हो तू देखे ना देखे हमें गम नहीं मगर तुझको देखे बिना हम नहीं हो तू देखे ना देखे हमें गम नहीं मगर तुझको देखे बिना हम नहीं ख्यालों में हर पल ही रहता है तू ये रहना को ज़िंदा हमें काम नहीं तेरे साथ के एक लम्हें में भी मैं तेरे साथ के सौ जनम देखता हूँ ख़ुशी जब भी… तुझको किया याद दुनिय...